मुंबई की एक विशेष अदालत ने सोमवार को समुद्री डकैती और अन्य अपराधों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में 44 सोमाली नागरिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
अदालत ने अपने फैसले में भारतीय नौसेना की बहादुरी और त्वरित कार्रवाई की भी सराहना की। अदालत ने कहा कि नौसेना ने कानूनी और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को पूरी गंभीरता से निभाते हुए जोखिम उठाकर कार्रवाई की।
इन मामलों में मार्च 2024 की एक घटना भी शामिल है, जब ईरान के झंडे वाले मछली पकड़ने वाले पोत FV Al Kambar से अपहरण का अलर्ट मिला था। इसके बाद भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Trushul और INS Sumedha ने कार्रवाई करते हुए नौ सोमाली नागरिकों को गिरफ्तार किया था।
एक अन्य मामले में भारतीय नौसेना ने समुद्री डकैती से जुड़े आरोपियों को पकड़कर मुंबई लाया था। मार्च 2024 में नौसेना के युद्धपोत INS Kolkata से आरोपियों को मुंबई के नेवल डॉकयार्ड लाया गया, जहां मुंबई पुलिस ने उन्हें अपनी हिरासत में लिया।
विशेष अदालत ने कहा कि समुद्री डकैती न केवल जहाजों और मालवाहक मार्गों के लिए खतरा है, बल्कि निर्दोष नाविकों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है।
अदालत ने भारतीय नौसेना की कार्रवाई को समय पर, साहसिक और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के अनुरूप बताया।



















