संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने मंगलवार को इस्लामाबाद स्थित संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह भारत-पाकिस्तान यानी UNMOGIP के मुख्यालय का दौरा किया।
गुतारेस ने मिशन के सदस्यों से कहा कि उन्होंने वर्षों के दौरान बेहद कठिन समय का सामना किया है, लेकिन इन्हीं चुनौतियों ने उनकी भूमिका की अहमियत को और स्पष्ट किया है।
उन्होंने कहा कि UNMOGIP एक अत्यंत संवेदनशील राजनीतिक वातावरण में काम करता है और उसे एक कठिन मैन्डेट सौंपा गया है।
गुतारेस ने कहा कि मिशन ने अपने मैन्डेट को समर्पण और पेशेवर रवैये के साथ निभाने की प्रतिबद्धता मई पिछले साल स्पष्ट रूप से दिखाई थी।
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल मई में सीमा पार संघर्ष हुआ था, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित युद्धविराम के बाद समाप्त हुआ।
गुतारेस ने कहा कि मिशन LoC के दोनों ओर अपनी दिखाई देने वाली मौजूदगी के जरिए हर दिन एक “अहम” और “जरूरी” भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में योगदान के लिए UNMOGIP का धन्यवाद किया और कहा कि इस स्थिरता को बनाए रखना आसान नहीं है।
UNMOGIP की स्थापना 1949 में भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित कश्मीर क्षेत्र में युद्धविराम की निगरानी के लिए की गई थी।



















