अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ ने कहा है कि भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने के बेहद करीब हैं और अब केवल “आखिरी बाधा” को पार करना बाकी है।
मैरीलैंड में आयोजित सेलेक्ट यूएसए इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान पत्रकारों से बातचीत में लैंडाउ ने कहा कि दोनों देशों के बीच कई महीनों से बातचीत चल रही है और अब इस समझौते को अंतिम रूप देना जरूरी है ताकि अन्य अहम मुद्दों पर आगे बढ़ा जा सके।
उन्होंने कहा, “मेरे पास समयसीमा को लेकर कोई अंदरूनी जानकारी नहीं है, लेकिन मैं इतना जरूर कह सकता हूं कि हम समझौते के बहुत, बहुत करीब हैं।”
हाल ही में भारत का दौरा कर चुके लैंडाउ ने भारत को “दुनिया की महान शक्तियों में से एक” बताया। उन्होंने कहा कि भारत में जबरदस्त आर्थिक क्षमता है, हालांकि लंबे समय तक अपनाए गए आर्थिक मॉडल के कारण उसकी पूरी क्षमता सामने नहीं आ सकी।
उन्होंने कहा, “भारत अब बड़े आर्थिक विकास की ओर बढ़ रहा है और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने की स्थिति में है।”
भारत और अमेरिका ने 2 फरवरी को द्विपक्षीय व्यापार समझौते के ढांचे की घोषणा की थी और 7 फरवरी को इसका मसौदा जारी किया गया था। पिछले महीने भारतीय वार्ताकार भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अमेरिका गए थे।
दोनों देश 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रख रहे हैं। इसके तहत भारत अमेरिकी बाजार में प्राथमिकता आधारित पहुंच चाहता है।












