भारत ने कनाडा से अपनी धरती से सक्रिय “भारत-विरोधी चरमपंथी तत्वों” के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया कनाडा की खुफिया एजेंसी की एक रिपोर्ट के बाद आई है। कनाडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस यानी CSIS की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट पिछले सप्ताह जारी की गई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन और भारत कनाडा के खिलाफ विदेशी हस्तक्षेप और जासूसी के मुख्य दोषियों में से हैं, ऐसे समय में जब प्रधानमंत्री मार्क कार्नी दोनों देशों के साथ घनिष्ठ आर्थिक संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
नई दिल्ली में गुरुवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने कनाडा सरकार से बार-बार अपनी धरती से सक्रिय ‘भारत-विरोधी तत्वों’ के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
उन्होंने कहा कि इसमें हिंसा के महिमामंडन, भारतीय नेताओं और राजनयिकों को धमकियों, पूजा स्थलों में तोड़फोड़ और तथाकथित “जनमत संग्रह” के जरिए अलगाववाद को बढ़ावा देने की कोशिशों जैसे मुद्दे शामिल हैं।
भारत और कनाडा के संबंध पिछले कुछ समय से खालिस्तान समर्थक गतिविधियों और सुरक्षा चिंताओं को लेकर तनावपूर्ण रहे हैं।















