मणिपुर के कामजोंग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास बुधवार को फिर तनाव भड़क गया। रिपोर्टों के अनुसार, सशस्त्र समूहों ने सीमावर्ती इलाके में गांवों को निशाना बनाया और करीब 20 घरों में आग लगा दी।
इस घटना ने कुकी और नगा समुदायों के बीच लंबे समय से रुके हुए तनाव के फिर उभरने के संकेत दिए हैं।
दो कुकी संगठनों कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी और कुकी सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन वर्किंग कमेटी ने अलग-अलग बयान जारी कर फाइमोल कुकी गांव में लगभग 20 घरों को कथित तौर पर जलाए जाने की निंदा की।
कुकी संगठनों ने आरोप लगाया कि यह “लक्षित हमला” नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम यानी NSCN द्वारा म्यांमार स्थित शन्नी नेशनलिस्ट आर्मी की मदद से किया गया।
संगठनों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब असम राइफल्स ने फाइमोल में अपनी सुरक्षा चौकी खाली कर दी थी। उनका आरोप है कि सुरक्षा बलों के हटने के बाद गांव असुरक्षित रह गया और अगले ही दिन हमला किया गया।
दूसरी ओर, नगा संगठनों ने भी अपने समुदाय के गांवों पर हमलों के लिए कुकी सशस्त्र समूहों को जिम्मेदार ठहराया है। दोनों पक्षों के आरोपों के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है।
कामजोंग जिला मणिपुर के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में शामिल है, जहां भारत-म्यांमार सीमा के कारण सुरक्षा स्थिति पहले से जटिल बनी रहती है।

















