सोशल मीडिया पर भारत में इजरायली पर्यटकों और पूर्व सैनिकों में मशहूर तथाकथित “हम्मस ट्रेल” फिर चर्चा में है। यह एशिया में फैला एक अनौपचारिक पर्यटन रूट का हिस्सा माना जाता है, जिस में बड़ी संख्या में युवा इजरायली, खासकर सैन्य सेवा पूरी कर चुके लोग भाग लेते हैं। यह ट्रेल मुख्य रूप से भारत, नेपाल, थाईलैंड और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों से जुड़ा बताया जाता है।
इजरायल में अनिवार्य सैन्य सेवा पूरी करने के बाद कई युवा लंबी विदेश यात्रा पर निकलते हैं, जिसे “तियूल गादोल” यानी “बड़ी यात्रा” कहा जाता है। भारत में इस ट्रेल के प्रमुख ठिकानों में हिमाचल प्रदेश का कसोल, ओल्ड मनाली, धर्मकोट, तोश, उत्तराखंड का ऋषिकेश, राजस्थान का पुष्कर, गोवा और हम्पी जैसे स्थान शामिल बताए जाते हैं। कसोल को कई बार "मिनि इज़राइल" भी कहा जाता है, क्योंकि वहां हिब्रू भाषा के साइनेज, इजरायल के स्वामित्व वाले हॉस्टल, मध्य पूर्वी भोजन और चबाड घरों जैसे रियाज़ का वर्णन किया गया है। इस ट्रेल को लेकर कई स्थानीय समुदायों ने नशे के इस्तेमाल, रैव कल्चर, शोर-शराबे और स्थानीय लोगों के साथ टकराव जैसी शिकायतें उठाई हैं।
