फ्रांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात की।
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक में दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बारो ने प्रस्ताव रखा कि भारत इस मुद्दे पर फ्रांस के साथ मिलकर काम करे। उन्होंने कहा कि यह यूरोप और एशिया की स्थिरता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई फ्रांस-ब्रिटेन पहल का भी उल्लेख किया।
बैठक में बारो और जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति फ्रांस और भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने प्रभावी और सुधारित बहुपक्षवाद के समर्थन पर भी जोर दिया।
दोनों मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की अपनी मंशा को भी दोहराया।
यूक्रेन युद्ध को लेकर दोनों पक्षों ने युद्धविराम और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति के समर्थन की बात कही।
फ्रांस और भारत ने रक्षा, नई तकनीकों और उच्च शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक और विशेष रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति का भी स्वागत किया।
बारो ने अलग से पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से भी मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा हुई।
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता कोशिशों का स्वागत किया। उन्होंने ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने और ईरान से जुड़े परमाणु, बैलिस्टिक तथा क्षेत्रीय खतरों से निपटने के लिए अधिक समावेशी वार्ता की जरूरत पर जोर दिया।
फ्रांस और पाकिस्तान ने विश्वविद्यालय सहयोग, सांस्कृतिक सहयोग और सतत विकास के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए थे, जिनमें सरकारी इमारतों, सैन्य ठिकानों, मिसाइल ढांचे और हवाई सुरक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया था। जवाब में ईरान ने इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।


















