भारत संयुक्त राष्ट्र आधारित बहुपक्षवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाए गए नए समूह पार्टनर्स फॉर मूलटीलेटरलिस्म यानी P4M की पहली बैठक में शामिल होगा।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर सोमवार, 21 सितंबर को न्यूयॉर्क में होने वाली P4M बैठक में हिस्सा लेंगे।
इस पहल की शुरुआत यूरोपीय संघ, ब्राजील, कनाडा और केन्या के नेताओं ने की है। समूह का उद्देश्य “सुपरपावर” राजनीति से अलग हटकर संयुक्त राष्ट्र आधारित बहुपक्षीय सहयोग को समर्थन देना है।
P4M पहल को इस सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल डिबेट सत्र के दौरान पेश किए जाने की उम्मीद है।
समूह के संस्थापक देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुधार, वैश्विक संघर्षों के बीच सामूहिक कार्रवाई और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
भारत की भागीदारी ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक संस्थाओं में सुधार, अंतरराष्ट्रीय कानून, संघर्ष समाधान और विकासशील देशों की भूमिका को लेकर बहस तेज है।
P4M को उन देशों और क्षेत्रों के मंच के रूप में देखा जा रहा है जो महाशक्तियों की प्रतिस्पर्धा से अलग रहते हुए वैश्विक सहयोग, संवाद और संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका को आगे बढ़ाना चाहते हैं।




















