भारत के दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में बुधवार तड़के आए भीषण चक्रवात 'अरनब' के कारण कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। तेज हवाओं और भारी बारिश से कई जिलों में पेड़ उखड़ गए और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
एनडीटीवी के अनुसार, विशाखापत्तनम, अनकापल्ली, काकीनाडा, कोनासीमा और पश्चिम गोदावरी जिलों में मौतों की सूचना मिली है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ लोगों की मौत करंट लगने से हुई, जबकि अन्य लोग पेड़ गिरने की घटनाओं का शिकार हुए।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि चक्रवात अरनब के तट से टकराने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और तूफान का केंद्रीय हिस्सा पूरी तरह जमीन पर पहुंच गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में पार कर गया।
इस दौरान हवाओं की अधिकतम लगातार गति 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
तट से टकराने के बाद तूफान की तीव्रता में कमी आई और यह भीषण चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गया।
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और पड़ोसी राज्य ओडिशा में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
अधिकारियों के अनुसार, दोनों राज्यों में 1 लाख 80 हजार से अधिक लोगों को एहतियातन निकाला गया।
तूफान के कारण कई जिलों में भारी बारिश हुई। तेज हवाओं से पेड़ उखड़ गए और स्थानीय बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।
खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण बुधवार को कई विमानन कंपनियों ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा के लिए उड़ानें रद्द कर दीं।




















