पाकिस्तान की सेना ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले का “कड़ा जवाब” दिया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान ने भारत के साथ पिछले वर्ष हुए चार दिवसीय संघर्ष की बरसी मनाई। उस संघर्ष के दौरान दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी देश युद्ध के कगार तक पहुंच गए थे, जिसके बाद अमेरिकी मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के बाद रोका गया था।
सेना ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी 'शत्रुतापूर्ण योजना' का मुकाबला 'उससे भी अधिक शक्ति, सटीकता और संकल्प' के साथ किया जाएगा जैसा भारत ने मई 2025 के संघर्ष के दौरान देखा था, जिसे इस्लामाबाद ने 'मर्का-ए-हक' या 'सत्य की जंग' कहा था।
भारत-प्रशासित विवादित हिमालयी क्षेत्र कश्मीर के उस हिस्से में बंदूकधारियों के हमले में 26 लोगों की मौत के बाद पाकिस्तान और भारत ने पलटवार के तौर पर स्ट्राइक्स का आदान-प्रदान किया। भारत ने बिना सबूत पेश किए उस हत्याकांड का दोष पाकिस्तान-समर्थित उग्रवादियों पर लगाया। इस्लामाबाद ने इन आरोपों से इनकार करते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की।
भारत ने 7 मई को पाकिस्तान के अंदर हवाई और भौतिक हमले किए, जिससे पाकिस्तान द्वारा ड्रोन घुसपैठ, मिसाइल हमले और तोपखाने की फायरिंग समेत प्रतिशोधी हमले शुरू हो गए। अमेरिकी मध्यस्थता के बाद 10 मई को युद्धविराम होने तक दोनों पक्षों पर दर्जनों लोग मारे गए।
उस समय पाकिस्तान ने कहा था कि उसने कम से कम सात भारतीय सैन्य विमान गिराए, जिनमें एक फ्रेंच-निर्मित राफेल फाइटर जेट भी शामिल था। भारत ने कुछ हानियों की बात स्वीकार की लेकिन विवरण नहीं दिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बार-बार व्यापक युद्ध को टालने में मदद करने का श्रेय लिया है।
पाकिस्तान और भारत के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं और दोनों ने तीन में से दो युद्ध कश्मीर को लेकर लड़े हैं, जिस पर दोनों ही पूरा दावा करते हैं।












