प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं के कल्याण को लेकर दिए गए बयान के बाद कांग्रेस ने उन पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने गुरुवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री छात्रों और युवाओं के आंदोलन से “घबराए” हुए हैं और आरोप लगाया कि उनके शासन में युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था पर कब्जे और उसके विनाश को बढ़ावा दिया।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “आप ही वह व्यक्ति हैं जिसने हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने हमारी शिक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह कब्जे और उसके विनाश को होने दिया और उसे बढ़ावा दिया और इसके लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति को बचाया।”
कांग्रेस का यह बयान ऐसे समय आया है जब पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों को लेकर देशभर में छात्र-युवा आंदोलन तेज है। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले कहा था कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने लंबे समय तक पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को गंभीरता से नहीं लिया। पार्टी का कहना है कि युवाओं के गुस्से ने अब सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर किया है।
दिल्ली में CJP के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद यह मुद्दा और गर्मा गया है। संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुई थीं, जिसमें कई प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी घायल हुए।
कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना की है और कहा है कि छात्रों की वैध मांगों को बल प्रयोग से नहीं दबाया जा सकता।
























