प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को कुछ समय के लिए प्रतिबंधित किए जाने के बाद भारत सरकार ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने मेटा से उच्चतम स्तर पर आकर यह बताने को कहा है कि यह घटना कैसे हुई और ऐसे मुद्दे क्यों सामने आ रहे हैं।
कृष्णन ने कहा, “हमने मेटा से कहा है कि वह उच्चतम स्तर पर आकर समझाए कि क्या हो रहा है और इस तरह की समस्याएं क्यों दिख रही हैं।”
उन्होंने बताया कि मेटा ने सरकार के सामने पेश होकर स्थिति स्पष्ट करने पर सहमति जताई है। कृष्णन के अनुसार, सरकार इस मामले में नीति-स्तर और तकनीकी स्तर, दोनों पर समझ चाहती है।
उन्होंने कहा कि भारत की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए मेटा को अपनी व्यवस्था में जरूरी बदलाव करने होंगे।
कृष्णन ने बताया कि मेटा ने सरकार को पत्र लिखकर घटना पर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने यह भी बताया है कि ऐसा क्यों हुआ और 28 जुलाई से प्रमुख व्यक्तियों के खातों से संबंधित नए प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं, ताकि ऐसी स्थिति दोबारा न हो।
मामला प्रधानमंत्री मोदी की उस फेसबुक पोस्ट से जुड़ा है, जिसमें छात्र प्रदर्शनों के बीच भारत के युवाओं को संबोधित करता उनका सेल्फी वीडियो शामिल था। यह पोस्ट कुछ समय के लिए फेसबुक पर प्रतिबंधित कर दी गई थी।
हालांकि Meta ने बाद में पोस्ट को बहाल कर दिया, लेकिन प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वह कंपनी के स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं मानता।






















