भारत और दक्षिण कोरिया ने रक्षा और हथियार उद्योग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। बुधवार को सियोल में हुई उच्चस्तरीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने बदलती क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और उन्नत सैन्य तकनीकों की बढ़ती मांग के बीच अपनी “विशेष रणनीतिक साझेदारी” को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक ने सियोल स्थित रक्षा मंत्रालय में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। The Korea Herald के अनुसार, यह 2019 के बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री की दक्षिण कोरिया की पहली यात्रा है।
यह बैठक अप्रैल में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की भारत यात्रा के दौरान घोषित “संयुक्त रणनीतिक विज़न” को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। दोनों पक्षों ने सैन्य सहयोग, रक्षा उद्योग साझेदारी और संस्थागत आदान-प्रदान को व्यापक बनाने पर सहमति जताई।
दोनों देशों ने प्रस्तावित कोरिया-भारत रक्षा नवाचार और त्वरण प्रणाली, यानी KIND-X, की योजना की भी समीक्षा की। यह मंच भारत और दक्षिण कोरिया की रक्षा कंपनियों, स्टार्टअप्स और विश्वविद्यालयों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानव रहित हवाई प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में जोड़ने के लिए तैयार किया जा रहा है।
दोनों मंत्रियों ने नियमित परामर्श बढ़ाने और कई क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने का फैसला किया। बैठक में K9 सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर कार्यक्रम सहित जारी रक्षा परियोजनाओं की भी सकारात्मक समीक्षा की गई। इस कार्यक्रम को भारत-दक्षिण कोरिया रक्षा सहयोग का अहम आधार माना जाता है।
वार्ता के बाद दोनों देशों ने रक्षा साइबर सहयोग, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों और भारत के नेशनल डिफेंस कॉलेज तथा कोरिया नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी के बीच अकादमिक आदान-प्रदान से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
बैठक के दौरान आन ग्यू-बैक ने राजनाथ सिंह को उत्तर कोरिया को लेकर सियोल की कूटनीतिक नीति और दोनों कोरियाई देशों के बीच संबंधों को स्थिर करने की कोशिशों की जानकारी दी। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने कोरियाई प्रायद्वीप में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए उत्तर कोरिया के साथ संवाद बहाल करने और भरोसा कायम करने के प्रयासों पर भारत का समर्थन मांगा।
इसके अलावा राजनाथ सिंह ने ली योंग-चोल से अलग से मुलाकात की और अगली पीढ़ी के हथियार प्रणालियों तथा उभरती रक्षा तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।














