भारत ने गुरुवार को पुष्टि की कि 2026 में मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। इनमें 10 नाविक भी शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, इस दौरान 75 भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। सबसे अधिक 32 घायल संयुक्त अरब अमीरात में दर्ज किए गए।
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि हमलों से संबंधित नहीं एक अलग दुर्घटना में कतर के रास लाफ्फान गैस सुविधा केंद्र में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई।
मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद क्षेत्र में समुद्री मार्गों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों को लेकर तनाव बढ़ा है। इस संघर्ष का असर भारत सहित कई एशियाई और क्षेत्रीय देशों के नागरिकों पर भी पड़ा है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर समन्वित हवाई हमले किए, जिनमें सरकारी इमारतों, सैन्य ठिकानों, मिसाइल ढांचे और वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया।
ईरान में 3,300 से अधिक लोगों की मौत होने और हजारों लोगों के विस्थापित होने की खबर है। वहीं, कम से कम 12 अमेरिकी कर्मियों की मौत और कई के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
भारत ने पहले भी मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, समुद्री जहाजों पर हमलों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। नई दिल्ली ने सभी पक्षों से तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की है।






















