मणिपुर के नोनी जिले में बुधवार, 4 नवंबर को दो प्रतिद्वंद्वी नागा उग्रवादी संगठनों के बीच हुई गोलीबारी में चार उग्रवादियों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और गोलीबारी की चपेट में आने के डर से कई ग्रामीण अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, यह झड़प जिले के ताओदाइजिंग गांव में हुई, जहां हथियारबंद समूहों के बीच लंबे समय तक गोलीबारी होती रही।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मारे गए चार लोगों में से तीन जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट के जेनचुई गुट (ZUF-J) से संबंधित थे, जबकि एक नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालिम के इसाक-मुइवा गुट (NSCN-IM) का सदस्य था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार को ताओदाइजिंग गांव में ZUF-J और NSCN-IM के सदस्यों के बीच सशस्त्र टकराव हुआ।
इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से गोलीबारी की गई, जिसमें चार उग्रवादियों की मौत हो गई।
हालांकि, गोलीबारी की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और दोनों संगठनों के बीच तत्काल विवाद का कारण क्या था, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, गांव और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय तक भारी गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं।
ग्रामीणों ने बताया कि लगातार गोलीबारी के बाद भी रुक-रुककर गोलियां चलने की आवाजें आती रहीं।
इससे इलाके के लोगों में भय फैल गया और कई परिवार अपनी जान बचाने के लिए घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीणों ने लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करके अन्य लोगों को खतरे के बारे में चेतावनी दी और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।
घटना के बाद रोंगमेई नागा लुफुआम, नुंगबा क्षेत्र ने दोनों हथियारबंद संगठनों से संघर्ष बंद करने की अपील की।
संगठन ने बढ़ते तनाव और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए दोनों पक्षों से शत्रुता समाप्त करने तथा शांति का अवसर देने का आग्रह किया।
स्थानीय संगठन की अपील ऐसे समय में आई है, जब गोलीबारी के कारण ग्रामीणों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
ताओदाइजिंग गांव मणिपुर के नोनी जिले के नुंगबा उपमंडल में स्थित है।
यह गांव खौपुम की ओर जाने वाले पुराने कछार मार्ग पर पड़ता है और रेंगपांग पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है।
इस इलाके में प्रतिद्वंद्वी नागा सशस्त्र संगठनों के बीच पहले भी तनाव और हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं।
ऐसे संघर्षों के पीछे क्षेत्रीय नियंत्रण और स्थानीय प्रभाव को लेकर प्रतिस्पर्धा को अक्सर एक कारण माना जाता है।
हालांकि, बुधवार की घटना के पीछे भी यही कारण था या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
गोलीबारी में चार उग्रवादियों की मौत की पुष्टि पुलिस सूत्रों के हवाले से की गई है।



















