गुजरात के गांधीनगर जिले की एक सत्र अदालत ने गोहत्या के मामले में तीन मुस्लिम व्यक्तियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में हिंदू धर्मग्रंथों वेदों और मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए गाय के धार्मिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की। सोमवार को सुनाए गए फैसले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी.आर. राजपूत ने तीनों दोषियों को कठोर आजीवन कारावास के साथ तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने प्राचीन हिंदू धर्मग्रंथों का उल्लेख करते हुए कहा कि गाय को 'ब्रह्मांड की माता' के रूप में सम्मानित किया जाता है। फैसले में उस धार्मिक मान्यता का भी उल्लेख किया गया जिसके अनुसार गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। न्यायाधीश ने मनुस्मृति का हवाला देते हुए कहा कि इस ग्रंथ में गाय को केवल एक पशु के रूप में नहीं, बल्कि धर्म की व्यवस्था के केंद्रीय तत्व के रूप में देखा गया है। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, अदालत ने कहा, “यदि ऐसे आरोपियों को कानून में निर्धारित सजा नहीं दी गई, तो समय के साथ गोमाता विलुप्त हो जाएंगी।”
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गुजरात में गोहत्या के मामले में तीन मुसलमानों को उम्रकैद
सोमवार को सुनाए गए फैसले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी.आर. राजपूत ने तीनों दोषियों को कठोर आजीवन कारावास के साथ तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

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