तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी समूह पुलिस की मदद से प्रदर्शनकारियों, खासकर महिलाओं, पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “पूरा देश आरएसएस की गुंडागर्दी देख रहा है। जिनकी अंग्रेजों के सामने पैंट गीली हो जाती, वे आज पुलिस की मदद से हमारी बहनों और बेटियों को खुलेआम पीट रहे हैं।”
यादव ने आरएसएस को ऐतिहासिक रूप से महिला-विरोधी बताया और संघ प्रमुख मोहन भागवत की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने आगे कहा, “ये संघी हमेशा से महिला-विरोधी रहे हैं। इस गुंडागर्दी पर मोहन भागवत क्या कहेंगे?”
यादव ने केंद्र सरकार पर मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने के लिए देशभर में “अघोषित आपातकाल” लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को “ज्ञानू गुप्ता” कहते हुए आरोप लगाया कि उन्हें बचाने के लिए नया कानून बनाया गया है। यादव ने कहा, “एक बेईमान आदमी, ज्ञानू गुप्ता, को बचाने के लिए पूरे देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है।”





















