मिस्र और पाकिस्तान ने आतंकवाद-रोधी अभियानों तथा “गैर-पारंपरिक खतरों” से निपटने पर केंद्रित एक संयुक्त सैन्य अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। यह जानकारी गुरुवार को मिस्र की सेना ने एक बयान में दी।
यह अभ्यास पाकिस्तान में विशेष बलों के प्रशिक्षण क्षेत्रों में कई दिनों तक आयोजित किया गया, जिसमें मिस्र के पैराट्रूपर्स और पाकिस्तान के विशेष बलों ने हिस्सा लिया।
मिस्र की सेना के अनुसार, यह अभ्यास दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने और युद्धक तैयारी को बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है।
बयान में कहा गया कि प्रशिक्षण में सैद्धांतिक और मैदानी, दोनों प्रकार की गतिविधियां शामिल थीं। इनका उद्देश्य परिचालन संबंधी अवधारणाओं में तालमेल स्थापित करना, विशेषज्ञता का आदान-प्रदान करना और भाग लेने वाली सेनाओं की युद्धक क्षमताओं को मजबूत बनाना था।
अभ्यास के अंतिम चरण में संयुक्त मैदानी युद्धाभ्यास आयोजित किए गए, जिनका मुख्य फोकस आतंकवाद-रोधी अभियान और “गैर-पारंपरिक खतरों” का मुकाबला करना रहा।
इस दौरान दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें मिस्र के पैराट्रूपर्स कमांडर और पाकिस्तान के विशेष बलों के कमांडर शामिल थे। यह सैन्य अभ्यास इसी महीने की शुरुआत में शुरू हुआ था और 2024 में मिस्र में आयोजित पिछले चरण की अगली कड़ी माना जा रहा है।






















