जापानी समाचार एजेंसी क्योदो न्यूज़ के मुताबिक, 'मालाबार नौसैनिक अभ्यास' 12 नवंबर तक चलेगा। आठ दिनों तक चलने वाला यह अभ्यास जापान की राजधानी टोक्यो के आसपास कांतो क्षेत्र के समुद्री इलाकों में आयोजित किया जा रहा है।
जापान के समुद्री आत्मरक्षा बल (JMSDF) के अनुसार, इस अभ्यास का उद्देश्य चारों देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी सहयोग और सामरिक तालमेल को मज़बूत करना है।
अभ्यास के दौरान पनडुब्बियों और सतही युद्धपोतों से उत्पन्न खतरों का मुकाबला करने सहित विभिन्न समुद्री सैन्य अभियानों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
टोक्यो के पास योकोसुका नौसैनिक अड्डे पर तैनात जापान के हेलीकॉप्टर वाहक युद्धपोत 'इसे' पर अभ्यास का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इसमें चारों देशों के लगभग 200 सैन्य अधिकारियों और कर्मियों ने हिस्सा लिया।
समारोह को संबोधित करते हुए जापान के आत्मरक्षा बेड़े के कमांडर ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल लगातार जटिल होता जा रहा है।
उन्होंने कहा, "समान विचारधारा वाले देशों के बीच सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।"
इस संयुक्त अभ्यास में जापान का मोगामी युद्धपोत, अमेरिका का एक एम्फीबियस ट्रांसपोर्ट डॉक जहाज़ और भारत तथा ऑस्ट्रेलिया के फ्रिगेट युद्धपोत भाग ले रहे हैं।
मालाबार नौसैनिक अभ्यास की शुरुआत 1992 में भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास के रूप में हुई थी।
जापान 2007 में इसमें शामिल हुआ। उसी वर्ष ऑस्ट्रेलिया ने भी अभ्यास में हिस्सा लिया था, लेकिन बाद में इससे अलग हो गया। वर्ष 2020 में ऑस्ट्रेलिया दोबारा इस अभ्यास में शामिल हुआ और तब से चारों देश नियमित रूप से इसमें भाग ले रहे हैं।




















