तुर्किए की राष्ट्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी के प्रमुख इब्राहिम कालिन ने कहा है कि फ़लस्तीनी मुद्दे का समाधान किए बिना और इज़राइल का क़ब्ज़ा समाप्त किए बिना मध्य पूर्व में शांति स्थापित नहीं हो सकती।
शुक्रवार को इस्तांबुल कांग्रेस सेंटर में आयोजित TRT वर्ल्ड फ़ोरम 2026 के आधिकारिक उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कालिन ने कहा:
"ग़ज़ा के बिना कोई फ़लस्तीन नहीं है और फ़लस्तीनी मुद्दे पर शांति स्थापित किए बिना मध्य पूर्व में भी शांति नहीं हो सकती।"
उन्होंने कहा, "फ़लस्तीनी समस्या नहीं हैं, समस्या क़ब्ज़ा है।"
कालिन ने इस बात पर ज़ोर दिया कि "क़ब्ज़ा समाप्त किए बिना मध्य पूर्व में न कोई समाधान होगा, न शांति और न ही न्याय।"
कालिन ने कहा कि ग़ज़ा फ़लस्तीन का अभिन्न हिस्सा है और फ़लस्तीनियों का संघर्ष केवल क्षेत्रीय सवालों तक सीमित नहीं है, बल्कि न्याय और समानता के व्यापक सिद्धांतों से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, "ग़ज़ा फ़लस्तीन का हिस्सा है और फ़लस्तीन न्याय, गरिमा और सभी के लिए समानता के संघर्ष का हिस्सा है।"
उन्होंने आगे कहा, "यह केवल ज़मीन के एक टुकड़े का सवाल नहीं है, बल्कि सार्वभौमिक मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों का भी सवाल है।"
इससे पहले इसी फ़ोरम को संबोधित करते हुए तुर्किए के राष्ट्रपति रेजेप तैयप एर्दोग़ान ने कहा था कि हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों से स्पष्ट होता है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था ने "आत्मसमर्पण का सफ़ेद झंडा लहरा दिया है।"
एर्दोग़ान ने आरोप लगाया कि ग़ज़ा और क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में इज़राइली हिंसा जारी रहने के बावजूद दुनिया के अंतरराष्ट्रीय संस्थान मूकदर्शक बने हुए हैं।






















