भारत की राजधानी नई दिल्ली में पुलिस ने अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी मेटा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री उपलब्ध होने के मामले में जांच शुरू कर दी है। बाल अधिकारों से जुड़े एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बताया कि आयोग के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने मेटा इंडिया के प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री (CSEAM) की उपलब्धता को लेकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।
कानूनगो ने कहा, "हमारे निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने मेटा इंडिया द्वारा संचालित प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण से जुड़ी सामग्री की उपलब्धता के संबंध में FIR दर्ज की है।"
इस मामले पर मेटा की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह कार्रवाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हानिकारक और अवैध सामग्री से निपटने के कंपनी के तरीकों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच हुई है।
इससे पहले जुलाई में ब्रिटिश समाचार संस्था बीबीसी आई की एक जांच में खुलासा हुआ था कि भारत में मेटा के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देने वाले भुगतान किए गए विज्ञापन चलाए जा रहे थे।
बीबीसी की रिपोर्ट सामने आने के बाद भारत सरकार ने मेटा को अपने प्लेटफॉर्म से ऐसे विज्ञापनों और संबंधित सामग्री को हटाने का आदेश दिया था।
सितंबर में मेटा ने घोषणा की थी कि वह बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी सीधे भारतीय अधिकारियों को देना शुरू करेगी।
कंपनी ने उस समय बच्चों के ऑनलाइन यौन शोषण और इससे संबंधित अपराधों से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई थी।
दिल्ली पुलिस की इस जांच के साथ एक बार फिर सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर सवाल उठ रहे हैं।






















