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डिजिटल युग में दुष्प्रचार से लड़ाई और कूटनीति की वापसी पर तुर्किए के संचार प्रमुख ने बात करी
दुरान ने कहा कि दुनिया अब बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस नई व्यवस्था में शक्तियों का संतुलन कैसे बनेगा और मध्यम आकार के देशों की भूमिका क्या होगी।
डिजिटल युग में दुष्प्रचार से लड़ाई और कूटनीति की वापसी पर तुर्किए  के संचार प्रमुख ने बात करी
तुर्किए के संचार प्रमुख / AA

तुर्किये के संचार प्रमुख फहरेटिन अल्टुन दुरान ने कहा है कि अंटाल्या डिप्लोमेसी फोरम (ADF) एक ऐसे मंच के रूप में उभर रहा है, जो नई वैश्विक आवाज़ की तलाश में है और एक अधिक न्यायपूर्ण विश्व के निर्माण की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रेजप तैय्यप एर्दोगन के नेतृत्व में तुर्किये ऐसी वैश्विक सोच को आगे बढ़ा रहा है, जो दुनिया भर में गूंज रही है और जिसे ठोस नीतियों का समर्थन प्राप्त है।

दुरान ने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में गिरावट, मूल्यों के संकट और वैधता पर उठते सवालों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि ऐसे दौर में तुर्किये और राष्ट्रपति एर्दोआन ने कूटनीति को फिर से केंद्र में लाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि ADF जैसे मंच विभिन्न महाद्वीपों, विशेषकर अफ्रीका के देशों को अपनी बात रखने का अवसर देते हैं और वैश्विक मामलों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।

उन्होंने कहा, “न्याय एक मूलभूत अवधारणा है। ‘एक अधिक न्यायपूर्ण विश्व संभव है’ का संदेश देकर तुर्किये यह दिखा रहा है कि दुनिया को संघर्ष नहीं, बल्कि कूटनीति के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकता है।”

दुरान ने कहा कि दुनिया अब बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस नई व्यवस्था में शक्तियों का संतुलन कैसे बनेगा और मध्यम आकार के देशों की भूमिका क्या होगी।

उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए उम्मीद उन विचारों और आह्वानों में है, जो तुर्किये प्रस्तुत कर रहा है, “आइए, हम दुनिया को मिलकर फिर से बनाएं।”

उन्होंने याद दिलाया कि राष्ट्रपति एर्दोआन ने पहले “दुनिया पांच से बड़ी है” का विचार पेश किया और बाद में “एक अधिक न्यायपूर्ण विश्व संभव है” का नारा दिया, जो अब वैश्विक स्तर पर समर्थन हासिल कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को लेकर विश्व नेताओं के बीच व्यापक सहमति बन रही है, हालांकि नए विश्व व्यवस्था की रूपरेखा अभी स्पष्ट नहीं है।

दुरान ने कहा कि ऐसे समय में संवाद, शांति और आर्थिक सहयोग पर आधारित मंचों का महत्व बढ़ जाता है। तुर्किये अपने आसपास के क्षेत्रों में स्थिरता, सुरक्षा, सह-अस्तित्व और आर्थिक सहयोग पर आधारित व्यवस्था स्थापित करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है—चाहे वह मध्यस्थता के जरिए हो या रक्षा क्षेत्र की अपनी क्षमताओं को साझा करके।

स्रोत:AA
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